भारत माँ की ललकार

भारत माँ की ललकार, कोई खामोश नहीं होगा।
देनी पड़ी जो जाँ, तो अफ़सोस नहीं होगा।।
किस्मत वाला है वो, जिसे मिले तिरंगा कफ़न।
जाँ से प्यारा ये वतन, हम बोले वन्देमातरम।।



दुश्मन की क्या औकात, जो बैठा लगाये घात।
भारत माँ के रखवाले, रक्षा करें दिन रात।।
हम चढ़ जाये शूली पे, पर जगमगाता रहे चमन।
दुश्मन के फूटे करम, हम बोले वन्देमातरम।।


उड़ा दो चीथड़े, दुश्मन न बचे साबूत।
खड़ा करो सरहद पर, जो मांगे तुमसे सबूत।।
मिट जाये ये बदन, पर बचे न दुश्मन।
अमर रहे ये वतन, हम बोले वन्देमातरम।।


कि देश है पहले, बाकी सब है बाद।
हम न रहें तो क्या, ये देश रहे आबाद।।
है सैनिक की आवाज़, है देश की आवाम।
दुनिया विश्वगुरू कहे, हम बोले वन्देमातरम।।
         
                - बालकवि जय जितेन्द्र
                  रायबरेली (उत्तर प्रदेश)

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