अवधी विवाह गीत
कन्यादान करें हैं बाबा,
बिटिया दहेज का उपहार हो।
चुटकी भरि सिन्दुरा के कारन,
बिटिया पराई हमार हो।।
जउने अँगनवा खेली हो बिटिया,
वह सूना करि जई हो।
कुछ बेरिया के बाद हो बिटिया,
अपने घर का जई हो।।
जउने देश मा रहेऊ बिटिया,
हमका ना देहूँ बिसारि हो।
सब कोऊ भवा पराया हो बिटिया,
पिया बसि भये तुम्हारि हो।।
सासु ससुर ते मिलिके रइहौ,
वई माई-बापू तुम्हार हो।
ननद के साथै हँसिहौ खेलिहौ,
वई बहिनी अब तुम्हार हो।।
हँसि-खेली के प्यारी हो बिटिया,
ज़िन्दगी आपन काटेव हो।
सुखवा मिलै चाहे दुखवा मिलै,
पियाजी के संगे बाटेव हो।।
- बालकवि जय जितेन्द्र
रायबरेली(उत्तर प्रदेश)
Comments
Post a Comment